30-April-2020 (वक्त)
वक्त जो कल बीत गए वो इतिहास है वक्त जो शायद कल हो वो बनवास है आते जाते वक़्त में तू क्यों खुद को ढूंढें जो आज है वो वक़्त ही तो तेरे पास है सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट
मैं सुदीप बिस्वास हूं, मैं एक पेशेवर गीत लेखक और संगीतकार हूं। शायरी और शायरी का शौक। मैं अपने ब्लॉग में अपनी शायरी, गीत और संगीत साझा करता हूं