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अप्रैल, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

30-April-2020 (वक्त)

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वक्त जो कल बीत गए वो इतिहास  है वक्त जो शायद कल हो वो बनवास है आते जाते वक़्त में तू क्यों खुद को ढूंढें जो आज है वो वक़्त ही तो तेरे पास है                                           सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

10-7-2016 (में खुद ही अपनी मंज़िल)

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में खुद ही अपनी राह  हु में खुद ही अपनी मंज़िल में खुद को ही अगर  ढूंढ लूं फिर क्या हो मेरी मुश्किल में खुद ही अपनी राह  हु में खुद ही अपनी मंज़िल                                 सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

10-June-2016 (एक अजनबी कभी कभी जो ख़्वाब में आये)

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एक अजनबी कभी कभी जो ख़्वाब में आये क्यों न हो की वो कभी बाहो में आये क्या नाम है  उनका  कोई तो बताए एक अजनबी कभी कभी जो ख़्वाब में आये                                  सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

4-June-2016(हर पल मरता जा रहा हु)

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दिल के जख्मों को सीकर हस्ता जा रहा हु क्या पता खुद पर क्यों में गुनाह करता जा रहा हु कुछ यादें जो दफ़ना है दिल में उनको याद करके क्यों हर पल मरता जा रहा हु                                               सुडिप द्वारा कॉपीराइट

8-may-2016 (एक तरफ़ा प्यार)

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एक मोहबत तो हुई थी हमसे नजाने क्या  भूल कर बैठे शायद उनकी मर्जी जाने बिना बेगाने हम उनसे   वफ़ा कर बैठे चाहते थे प्यार उनसे  पर नफरते सजा ले बैठे मांग के क्या  एक दुआ तुमसे क्या हम दगा कर बैठे                                       सुडिप द्वारा कॉपीराइट

8-May-2016 (दोस्तों की शरारत)

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क्या यादों से है  क्या वादों से है ज़िंदगी है तो बस इरादों से है मज़ा शोहरत से नहीं मज़ा मोहबत से नहीं मज़ा तो दोस्तों की शरारत में है                              सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

8-May-2016 (एक बूंद बारिश की)

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एक बूँद बारिश की गिरा है मेरे तन पे एक घटा सावन का छाया है मेरे मन मे  रिम घिम रिम घिम टिप टिप टिप टिप ख़ुशी की एक लहर लाया है मन में                                                           सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

3-April-2016 (कश्ती की मंज़िल)

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ज़िन्दगी आसान तो नहीं पर गम के दरिया में डूबते हुए मांझी ज़रा कश्ती को  मंज़िलो के तरफ मोड़ दे देख किनारों पर खुशियां तेरा इंतज़ार कर रही है                                           सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

16-March-2016 (मेरे ख़्वाबों में और न आना)

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मेरे खाबो में आके तेरे यह मुस्कुरा ना एक दर्द दे जाती है हकीकत में हाँ माना की हार है हम हारे तेरी मोहब्बत में बस यही कहना है कहना हमको शिकायत में मेरे ख़्वाबों में और  न आना कहते है हम शराफत से                                         कॉपीराइट सुदीप बिस्वास

16-March-2016 (तेरी फितरत)

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ये माना तेरा दिल का टूटना  तेरी किस्मत में लिखा था  पर तेरी ज़िन्दगी में तेरा मुस्कुराना  तेरी फितरत में लिखा है                                    कॉपीराइट सुदीप बिस्वास

15-March-2016 (सौ दर्द तेरे प्यार का)

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एक दर्द तेरे चाहत का है एक दर्द मेरे पागलपन का एक दर्द तेरे जाने से है एक दर्द है मेरे मन का एक दर्द से में चुप के सहु  सौ दर्द तेरे प्यार का                                                 कॉपीराइट सुदीप बिस्वास

15-March-2016 (मेरे माता पिता)

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फूलो से हमको सजाकर  काँटों से दामन भर लेते हो  धूप में तुम पेड़ बनकर  साया हम को देते हो दर्द में तुम मरहम बनकर  घाव सारे भर देते हो  तुम तो वो दीप हो जो  खुद जलके रोशन हमेँ कर ते हो                                          कॉपीराइट सुदीप बिस्वास

15-March-2016 (यादें जो दर्द देते थे)

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यादें जो दर्द देते थे वो आज लबों पे मुस्कुराहट बन जाते है अश्रु  जो कभी पलकों में थे अब खुसी बनकर भर जाते है हम तो नादान थे  जो कुछ दर्द से ज़िंदगी हर बैठे थे नासमझ हमने ये न जाना वक़्त तो वो दवा है  जो हर दर्द भर देता है                          कॉपीराइट सुदीप बिस्वास

15-March-2016 ( मेरा आसमान मैं वापस लौट आऊंगा )

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ख्वाहिश तेरी बुलंदियों को छूने की  लेकर में गिर पड़ा ज़मीं पर  पर वादा है आसमान में  लौट आऊंगा                                                               कॉपीराइट सुदीप बिस्वास