15-March-2016 (यादें जो दर्द देते थे)



यादें जो दर्द देते थे
वो आज लबों पे मुस्कुराहट बन जाते है

अश्रु  जो कभी पलकों में थे
अब खुसी बनकर भर जाते है

हम तो नादान थे 
जो कुछ दर्द से ज़िंदगी हर बैठे थे

नासमझ हमने ये न जाना वक़्त तो वो दवा है 
जो हर दर्द भर देता है

                        कॉपीराइट सुदीप बिस्वास

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