8-May-2016 (दोस्तों की शरारत)





क्या यादों से है 

क्या वादों से है

ज़िंदगी है तो बस इरादों से है

मज़ा शोहरत से नहीं

मज़ा मोहबत से नहीं

मज़ा तो दोस्तों की शरारत में है

                             सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

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