20-June-2020 - कस्मे जो दिल से दिल का था
कस्मे जो दिल से दिल का था
वो कही दिल में ही दफ़न रहे गए
मंजिल कहीं और थी
हम खुद को कहीऔर ढूँढ़ते रहे गए
बस हवस दौलत की थी
बस हवस दौलत की थी हमें
हम चाँद को इमारतो पे ढूँढ़ते रहे गए
सुदीप बिस्वास द्वारा कॉपीराइट

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